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Learn German with Kedar Jadhav : A1 : Session 1 :  Verb Conjugation and making simple sentences

Learn German with Kedar Jadhav : A1 : Session 1 : Verb Conjugation and making simple sentences

Learn German with Kedar Jadhav

16,148 views 1 year ago Save 55 min 10 min read

Video Summary

यह वीडियो एक नए बैच की शुरुआत का स्वागत करता है, जो पूरी तरह से निःशुल्क और निष्पक्ष है। सत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में आयोजित किए जाएंगे ताकि सभी को समझने में आसानी हो। पिछले 9-10 वर्षों के अनुभव और 100,000 से अधिक लोगों को सिखाने के आधार पर, वक्ता ने जर्मन सीखने को सरल बनाने के लिए अपनी तकनीकों का खुलासा किया।

यह बताया गया कि जर्मन सीखना आसान है क्योंकि अंग्रेजी और जर्मन दोनों रोमन वर्णमाला साझा करते हैं, और दोनों भाषाओं में लगभग 40% समान या मिलते-जुलते शब्द हैं। इसके अलावा, जर्मन बहुत ध्वन्यात्मक रूप से सटीक है, जिसका अर्थ है कि आप जो लिखते हैं वही बोलते हैं और इसके विपरीत, जिससे वर्तनी याद रखने की आवश्यकता कम हो जाती है।

वीडियो इस बात पर केंद्रित है कि कैसे अपने मूल भाषा के ज्ञान का उपयोग करके, विशेष रूप से हिंदी में, सरल जर्मन वाक्य बनाए जा सकते हैं। क्रियाओं के अंत "ना" को हटाकर और स्टेम को बनाए रखकर, जैसे "पीना" से "पी", और फिर विषय के अनुसार प्रत्यय जोड़कर, वाक्य निर्माण की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया। यह तकनीक जर्मन क्रियाओं के लिए भी लागू की जाती है, जहां "en" को हटाकर और "ich" (मैं) के लिए "e", "du" (तुम) के लिए "st", और "er" (वह) के लिए "t" जैसे प्रत्यय जोड़कर वाक्य बनाए जाते हैं।

Short Highlights

  • यह सत्र पूरी तरह से निःशुल्क और निष्पक्ष है।
  • भाषाएँ: हिंदी और अंग्रेजी दोनों में शिक्षा दी जाएगी।
  • जर्मन सीखना आसान है क्योंकि यह अंग्रेजी के साथ वर्णमाला और शब्दावली साझा करता है, और यह ध्वन्यात्मक रूप से सटीक है।
  • वाक्य निर्माण की विधि: क्रिया के अंत को हटाकर और विषय के अनुसार प्रत्यय जोड़कर।
  • आज के सत्र में 'ich', 'du', 'er' के साथ 10 वाक्य बनाए गए, जिनमें 'trinken', 'spielen', 'kochen', 'lernen', 'wohnen' क्रियाओं का प्रयोग हुआ।

Key Details

निःशुल्क और निष्पक्ष शिक्षण [0:40]

  • यह पूरा पाठ्यक्रम और इसकी सभी सामग्री पूरी तरह से निःशुल्क और निष्पक्ष है।
  • किसी भी प्रकार का कोई पूर्वाग्रह नहीं होगा, और सभी को समान पहुंच प्रदान की जाएगी।
  • सभी के लिए ज़ूम में शामिल होने और अन्य सभी संसाधनों तक पहुंच समान रूप से उपलब्ध होगी।

सभी को समान अवसर देने के महत्व पर जोर दिया गया।

द्विभाषी शिक्षा [1:21]

  • पाठ्यक्रम हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पढ़ाया जाएगा।
  • यह उन छात्रों के लिए विशेष रूप से सहायक है जो दक्षिण भारत से हैं और हिंदी नहीं बोलते हैं, या ग्रामीण क्षेत्रों से हैं जहां अंग्रेजी का ज्ञान कम है।
  • इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी भाषाओं के छात्रों को अवधारणाओं को पूरी तरह से समझने में मदद मिले।

यह विभिन्न भाषिक पृष्ठभूमि वाले शिक्षार्थियों को समायोजित करने के लिए एक समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाता है।

सीखने की प्रक्रिया और संसाधन [2:22]

  • आज का मुख्य लक्ष्य जर्मन में छोटे-छोटे वाक्य बनाना सीखना है, जो केवल एक घंटे में संभव होगा।
  • सभी महत्वपूर्ण जानकारी, निर्देश और सामग्री वीडियो के विवरण में उपलब्ध कराई जाएगी।
  • इसमें 750 शब्दों की एक सूची (अंग्रेजी, मराठी और हिंदी में), जर्मन वर्णमाला और संख्याओं के संसाधन शामिल हैं।

यह सुनिश्चित करता है कि छात्रों के पास सीखने के लिए आवश्यक सभी उपकरण हों।

प्रभावी शिक्षण तकनीकें [8:40]

  • वक्ता जर्मन को बहुत आसान भाषा मानते हैं और इस धारणा को चुनौती देते हैं कि यह कठिन है।
  • सीखने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए उनकी 9-10 साल पुरानी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिसमें छात्र की मातृभाषा (जैसे मराठी) और अंग्रेजी का पूरा उपयोग शामिल है।
  • जर्मन सीखना आसान होने के चार कारण बताए गए हैं:
    • अंग्रेजी के साथ समान वर्णमाला साझा करना।
    • अंग्रेजी और जर्मन के बीच लगभग 40% सामान्य शब्दावली।
    • जर्मन का अत्यधिक ध्वन्यात्मक होना, जिससे वर्तनी याद रखना आसान हो जाता है।
    • मातृभाषा के समान संरचनाओं का उपयोग करना।

यह खंड छात्रों को आत्मविश्वास से सीखने के लिए प्रेरित करता है।

जर्मन क्रियाओं का संयुग्मन [17:12]

  • यह बताया गया कि हिंदी में सभी क्रियाओं के अंत में "ना" होता है (जैसे खाना, पीना, सोना)।
  • वाक्य बनाने के लिए, "ना" को हटाकर क्रिया का मूल रूप (स्टेम) लिया जाता है (जैसे "पी") और फिर विषय के अनुसार प्रत्यय जोड़े जाते हैं (जैसे "मैं पीता हूं")।
  • यह प्रक्रिया जर्मन क्रियाओं पर भी लागू होती है, जहां क्रिया के अंत में "en" को हटाकर और व्यक्तिगत सर्वनामों के अनुसार प्रत्यय जोड़कर वाक्य बनाए जाते हैं।

यह क्रिया संयुग्मन के पीछे की तार्किक प्रक्रिया को स्पष्ट करता है।

प्रथम जर्मन वाक्य निर्माण [29:24]

  • जर्मन में क्रियाएँ आमतौर पर वाक्य में दूसरे स्थान पर आती हैं, जैसे अंग्रेजी में।
  • पहला जर्मन वाक्य "Ich trinke Tee" (मैं चाय पीता हूँ) बनाया गया, जिसमें "ich" (मैं) के साथ "e" प्रत्यय जोड़ा गया।
  • "du trinkst Tee" (तुम चाय पीते हो) और "er trinkt Tee" (वह चाय पीता है) जैसे वाक्य भी बनाए गए, जिनमें "du" के साथ "st" और "er" के साथ "t" प्रत्यय का प्रयोग हुआ।

यह छात्रों को तुरंत जर्मन में वाक्य बनाने की क्षमता प्रदान करता है।

अभ्यास और शब्दावली [33:13]

  • "kochen" (पकाना), "spielen" (खेलना), "wohnen" (रहना), "lernen" (सीखना), और "trinken" (पीना) जैसी क्रियाओं का उपयोग करके पाँच वाक्य बनाने का अभ्यास किया गया।
  • प्रत्येक छात्र को अपने वाक्यों को अंग्रेजी में और फिर जर्मन में कहने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
  • जर्मन भाषा को "Deutsch" कहा जाता है, और जर्मनी को "Deutschland"।

यह खंड छात्रों को अभ्यास के माध्यम से सीखी गई बातों को मजबूत करने में मदद करता है।

आगे की कक्षाएं और सलाह [43:33]

  • कक्षाएं सप्ताह में दो बार होंगी, जिसमें एक महत्वपूर्ण अवधारणा सीखी जाएगी और फिर छात्रों को उस पर अभ्यास करने के लिए कुछ दिन दिए जाएंगे।
  • A1 स्तर को पूरा करने में लगभग तीन से चार महीने लग सकते हैं, और A2 और B1 स्तरों को पूरा करने में क्रमशः दो और तीन महीने लग सकते हैं।
  • छात्रों को लगातार सीखते रहने और सीखने की प्रक्रिया का आनंद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  • जर्मन सीखने के लिए किसी विशेष पुस्तक की आवश्यकता नहीं है, और यह फॉर्मूला आजमाया हुआ और परखा हुआ है।

यह छात्रों को एक स्पष्ट रोडमैप और सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करता है।

अगली कक्षा की तैयारी [59:09]

  • अगली कक्षा में, सभी जर्मन वर्णमाला और उनके उच्चारण सिखाए जाएंगे।
  • इस सप्ताह कक्षाएँ सोमवार और बुधवार को होंगी क्योंकि वक्ता भारत की यात्रा पर होंगे।
  • छात्रों को "ich trinke", "du trinkst", "er trinkt" याद रखने का होमवर्क दिया गया है।
  • 250 शब्दों की सूची पर काम शुरू करने का सुझाव दिया गया है, जिसमें "der", "die", "das" पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है।

यह सुनिश्चित करता है कि छात्र अगली कक्षा के लिए तैयार रहें और निरंतर सीखते रहें।

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